यवतमाल में सूखे जैसे हालात, सोयाबीन-कपास की फसलें प्रभावित; किसानों ने मांगी तत्काल राहत
यवतमाल: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले, खासकर पुसद तहसील में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। कम बारिश का असर सोयाबीन और कपास की फसलों पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, कई खेतों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सितंबर में ही ऐसी स्थिति बनने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आने वाले समय में पानी, चारे और रोजगार के संकट की भी आशंका है।
किसान मनीष जाधव ने बताया कि लगातार तीन वर्षों से फसल खराब होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, सोयाबीन और कपास की फसलें प्रभावित होने से किसानों के साथ खेत मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ मजदूर काम की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। जाधव ने प्रभावित किसानों को बिना कठिन शर्तों के प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की तत्काल राहत और फसल बीमा का लाभ देने की मांग की।
किसान दुर्गादास राठौड़ ने बताया कि उन्होंने सोयाबीन की खेती पर प्रति एकड़ करीब 20 से 25 हजार रुपये खर्च किए हैं। उनके अनुसार, फसल को हुए नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने परिवार का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई और मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। राठौड़ ने सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
किसान सचिन सखरे ने कहा कि खेती का काम प्रभावित होने से खेत मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट बढ़ रहा है। उनके अनुसार, कुछ परिवार रोजगार की तलाश में शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।
वहीं, किसान आदित्य जाधव ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और आवश्यक कदम उठाने की मांग की। किसानों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में केवल आश्वासन के बजाय आर्थिक सहायता और फसल बीमा का लाभ जरूरी है।
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