Filter

Recent News

भारत ने WTO व्यापार नीति समीक्षा पूरी की, टैरिफ सुधार और FTA रणनीति पर जोर

भारत ने WTO की व्यापार नीति समीक्षा पूरी की, टैरिफ सुधार और FTA रणनीति पर दिया जोरभारत ने जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अपनी आठवीं व्यापार नीति समीक्षा (Trade Policy Review) का दूसरा और अंतिम सत्र पूरा कर लिया है। इसके साथ ही WTO के पारदर्शिता एवं निगरानी तंत्र के तहत भारत की व्यापार एवं संबंधित नीतियों की आवधिक (समय-समय पर होने वाली) समीक्षा भी पूरी हो गई है।यह समीक्षा टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र के एक्सपोर्टर्स, इम्पोर्टर्स और मैन्युफैक्चरर्स के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें बाजार तक पहुंच और सप्लाई-चेन प्लानिंग को प्रभावित करने वाले प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें टैरिफ सुधार, कस्टम्स प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उपाय, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) रणनीति, तकनीकी नियम, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) और व्यापार उपाय (Trade Remedies) शामिल हैं।समीक्षा के दौरान भारत को 44 WTO सदस्यों से कुल 1,094 लिखित प्रश्न प्राप्त हुए। वहीं, 21 और 23 जुलाई, 2026 को आयोजित दो समीक्षा सत्रों में 68 WTO सदस्यों ने अपने विचार रखे।भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि व्यापार सुधार एक सतत प्रक्रिया है और भारत खुले, पारदर्शी तथा पूर्वानुमेय व्यापार एवं निवेश व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।उन्होंने कहा कि भारत के टैरिफ सुधार, कस्टम्स प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उपाय और FTA रणनीति ने देश के घरेलू विकास लक्ष्यों का समर्थन करने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ उसके जुड़ाव को भी मजबूत किया है।WTO सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत की व्यापार नीतियां WTO के अनुरूप सिद्धांतों से निर्देशित हैं, साथ ही वे एक बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था की विकासात्मक जरूरतों को भी ध्यान में रखती हैं।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की टैरिफ संरचना का उद्देश्य छोटे, कम आय वाले और कम संसाधनों वाले किसानों के हितों की रक्षा करना है, जबकि औद्योगिक टैरिफ सप्लाई-चेन की मजबूती, विविधीकरण और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को समर्थन देते हैं।सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (SPS) उपायों, तकनीकी नियमों और व्यापार उपायों के संबंध में उन्होंने पारदर्शिता, हितधारकों के साथ परामर्श और WTO नियमों के पालन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने यह भी कहा कि भारत के क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) का उद्देश्य उचित सार्वजनिक नीति लक्ष्यों को हासिल करना है, जबकि व्यापार उपायों की जांच पारदर्शी तरीके से, ठोस साक्ष्यों, उचित प्रक्रिया और न्यायिक निगरानी के आधार पर की जाती है।समीक्षा के दौरान WTO सदस्यों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कस्टम्स और व्यापार सुविधा के आधुनिकीकरण, नवाचार एवं स्टार्टअप पहलों, क्षेत्रीय व्यापार समझौतों तथा माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) से जोड़ने के भारत के प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने फिशरीज सब्सिडी पर WTO समझौते को भारत द्वारा स्वीकार किए जाने का भी स्वागत किया।WTO सुधारों के मुद्दे पर भारत ने एक खुले, समावेशी, पारदर्शी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के प्रति अपना समर्थन दोहराया। भारत ने यह भी कहा कि भविष्य के सुधार विकास-केंद्रित होने चाहिए, विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनाए रखनी चाहिए और WTO के मौजूदा आदेशों (existing mandates) को पूरा करना चाहिए।और पढ़ें :- CCI ने कपास की कीमत ₹800 प्रति कैंडी बढ़ाई, साप्ताहिक बिक्री 2.26 लाख गांठ के पार

CCI ने कपास की कीमत ₹800 प्रति कैंडी बढ़ाई, साप्ताहिक बिक्री 2.26 लाख गांठ के पार

CCI ने कॉटन कैंडी की कीमतें ₹800 बढ़ाईं, साप्ताहिक नीलामी 2.26 लाख गांठों तक पहुँचीकॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CCI) ने 24 जुलाई, 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान टेक्सटाइल मिलों और कॉटन व्यापारियों की ज़बरदस्त भागीदारी के बीच अपनी कॉटन बिक्री की कीमतें ₹800 प्रति कैंडी बढ़ा दीं।CCI ने इस सप्ताह के दौरान 2025–26 की कॉटन फ़सल से कुल लगभग 2,26,100 गांठों की बिक्री दर्ज की, जिसमें सबसे ज़्यादा नीलामी गतिविधि गुरुवार को देखी गई।साप्ताहिक बिक्री रिपोर्ट 20 जुलाई, 2026 (सोमवार):सप्ताह की शुरुआत 21,900 गांठों की बिक्री के साथ हुई। मिलों ने 6,100 गांठें खरीदीं, जबकि व्यापारियों ने 15,800 गांठें खरीदीं।21 जुलाई, 2026 (मंगलवार):CCI की नीलामी बिक्री 26,600 गांठें रही, जिसमें मिलों द्वारा खरीदी गई 9,200 गांठें और व्यापारियों द्वारा उठाई गई 17,400 गांठें शामिल थीं।22 जुलाई, 2026 (बुधवार):नीलामी गतिविधि में तेज़ी आई और कुल बिक्री बढ़कर 52,700 गांठें हो गई। मिलों ने 21,300 गांठें खरीदीं, जबकि व्यापारियों ने 31,400 गांठें खरीदीं।23 जुलाई, 2026 (गुरुवार):CCI ने सप्ताह की सबसे ज़्यादा बिक्री दर्ज की, जिसमें 98,300 गांठें बिकीं। मिलों ने 24,000 गांठें खरीदीं, जबकि व्यापारियों ने 74,300 गांठें उठाईं।24 जुलाई, 2026 (शुक्रवार):सप्ताह का समापन 26,600 गांठों की बिक्री के साथ हुआ। मिलों ने 12,900 गांठें खरीदीं, जबकि व्यापारियों ने 13,700 गांठें खरीदीं।CCI की कॉटन बिक्री 87.30 लाख गांठों के पारनवीनतम नीलामियों के बाद, 2025–26 सीज़न के लिए CCI की कुल कॉटन बिक्री लगभग 87,30,900 गांठों तक पहुँच गई।और पढ़ें :- देशभर में कपास बाजार तेज

देशभर में कपास बाजार तेज

सिर्फ 3,070 गांठ आवक के बीच देशभर में कपास बाजार में तेजी, CCI नीलामी रही चर्चा में ,जानिए पूरी रिपोर्टआज 24 जुलाई 2026 को भारतीय कपास बाजार में सभी प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत तेजी दर्ज की गई। उत्तर भारत में कपास के भाव ₹50 प्रति मन, मध्य भारत में ₹200–500 प्रति कैंडी तथा दक्षिण भारत में ₹300–500 प्रति कैंडी तक बढ़े। वहीं, अखिल भारतीय कपास की कुल आवक लगभग 3,070 गांठ (Bales) रही, जो पुरानी फसल की सीमित उपलब्धता को दर्शाती है।बाजार को मजबूती मिलने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार ICE Cotton में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट सकारात्मक बना। इसके साथ ही चीन की रिजर्व कॉटन नीलामी में लगातार 100% बिक्री ने वैश्विक मांग को मजबूत बनाए रखा।दूसरी ओर, देशभर में पुरानी फसल की आवक बेहद कम रहने से बाजार में उपलब्ध स्टॉक सीमित हो गया है। इसके साथ ही बेहतर गुणवत्ता (Good Quality) वाली कपास की उपलब्धता भी कम होती जा रही है, जिसके कारण स्पिनिंग मिलें और व्यापारी अच्छी क्वालिटी की कपास के लिए ऊंचे भाव देने को तैयार हैं। मिलों की सक्रिय खरीद, व्यापारियों की बढ़ती रुचि तथा चीन की रिजर्व कॉटन नीलामी में लगातार 100% बिक्री से बने सकारात्मक वैश्विक माहौल ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की।इसी बीच Cotton Corporation of India (CCI) की आज की ई-नीलामी ने भी बाजार का ध्यान आकर्षित किया। CCI ने 7,06,800 गांठ कपास बिक्री के लिए पेश की। इसमें मिल सेशन में 12,900 गांठ तथा ट्रेडर सेशन में 13,700 गांठ की बिक्री हुई। इस प्रकार आज कुल 26,600 गांठ की बिक्री दर्ज की गई। इसके साथ ही 24 जुलाई 2026 तक CCI द्वारा कुल 87,30,900 गांठ कपास की बिक्री की जा चुकी है।सीजन के अंतिम चरण में सीमित आवक, मिलों की लगातार खरीद और वैश्विक बाजार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के कारण भारतीय कपास बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से ICE Cotton की चाल, घरेलू मांग और नई फसल की प्रगति पर निर्भर करेगी।और पढ़ें :- रुपया डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 96.56 पर बंद हुआ।

अमेरिका ने जबरन मजदूरी से जुड़े भारतीय सामान पर प्रस्तावित टैरिफ घटाकर 10% किया

अमेरिका ने भारत के लिए बलपूर्वक श्रम से बने उत्पादों पर प्रस्तावित टैरिफ 12.5% से घटाकर 10% कियाअमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर प्रस्तावित टैरिफ को 12.5% से घटाकर 10% कर दिया है। यह फैसला भारत द्वारा बलपूर्वक श्रम से निर्मित उत्पादों के आयात को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बाद लिया गया है।वॉशिंगटन ने बलपूर्वक श्रम से पूरी तरह या आंशिक रूप से निर्मित उत्पादों के आयात को लेकर समीक्षा के बाद भारत के लिए अंतिम टैरिफ दर में कटौती की। अब प्रभावित उत्पादों पर 10% का अतिरिक्त आयात शुल्क लागू होगा।यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई व्यापार नीति का हिस्सा है, जिसके तहत कई व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले आयात पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि कुछ देशों ने बलपूर्वक श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने वाले नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया है।व्हाइट हाउस के अनुसार, इन देशों से आने वाले उत्पादों पर 10% से 12.5% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। चीन, ब्रिटेन और जापान पर 12.5% टैरिफ लागू होगा, जबकि भारत, कंबोडिया, ग्वाटेमाला, होंडुरास, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा यूरोपीय संघ के लिए 10% की दर निर्धारित की गई है।अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इन देशों और क्षेत्रों ने बलपूर्वक श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए कदम उठाए हैं या इस दिशा में प्रतिबद्धताएं जताई हैं।हालांकि, कुछ आयात श्रेणियां—जैसे अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) के तहत आने वाले उत्पाद और तेल व गैस—इन नए टैरिफ से मुक्त रहेंगी।नए टैरिफ उस समय लागू हुए हैं, जब ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले लगाया गया अस्थायी 10% आयात शुल्क समाप्त हो गया। यह बदलाव अमेरिका की संशोधित व्यापार व्यवस्था के तहत लागू किया गया है।और पढ़ें :- महाराष्ट्र के कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना, मिलेंगे ₹75,000 तक

महाराष्ट्र के कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना, मिलेंगे ₹75,000 तक

महाराष्ट्र में कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजनाजलगाँव: कपास किसानों के लिए कृषि विभाग ने 'कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन 2026-27' के तहत एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, कपास के डंठलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और खेती में आधुनिक तकनीक व मशीनीकरण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र किसानों को बायोचार यूनिट और कॉटन श्रेडर खरीदने पर आकर्षक सब्सिडी दी जाएगी। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कुर्बान तडवी ने किसानों से MahaDBT पोर्टल के माध्यम से जल्द ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।योजना के अनुसार, कपास के अवशेषों से बायोचार तैयार कर मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने और उसकी उर्वरता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए बायोचार यूनिट की खरीद पर किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹10,000 (जो भी कम हो) की सब्सिडी मिलेगी। इससे न केवल कृषि अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि उत्पादन लागत कम करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।इसके अलावा, कपास के डंठलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के लिए कॉटन श्रेडर मशीन खरीदने पर भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को मशीन की लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹75,000 तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं, सामान्य वर्ग के किसानों को 40 प्रतिशत, अधिकतम ₹60,000 तक की सहायता दी जाएगी। यह योजना व्यक्तिगत किसानों के साथ-साथ किसान समूहों, किसान उत्पादक कंपनियों (FPO) और कृषि सहकारी समितियों के लिए भी लागू है।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों योजनाओं के लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। इसलिए पात्र किसानों को आवेदन में देरी नहीं करनी चाहिए। हालांकि, योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य होगा, क्योंकि सब्सिडी ऋण आधारित है। साथ ही, यदि किसी किसान ने पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत इसी उपकरण पर सब्सिडी प्राप्त की है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। आवेदन प्रक्रिया या योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित तालुका कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।और पढ़ें :- डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे गिरकर 96.63 पर खुला.

टेक्सटाइल PLI योजना के तहत ₹8,118 करोड़ का निवेश, गुजरात सबसे आगे

टेक्सटाइल PLI स्कीम में ₹8,118 करोड़ का निवेश, गुजरात बना सबसे पसंदीदा राज्यदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम अब तेजी से परिणाम देने लगी है। टेक्सटाइल मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक ₹8,117.64 करोड़ का वास्तविक निवेश दर्ज किया जा चुका है। इसके साथ ही इस योजना से 33,427 नए रोजगार अवसर भी पैदा हुए हैं।सरकार ने टेक्सटाइल PLI स्कीम के तहत कुल 170 कंपनियों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से लगभग ₹41,533 करोड़ के प्रस्तावित निवेश, ₹2.75 लाख करोड़ के अनुमानित कारोबार और 3,67,427 रोजगार अवसरों की उम्मीद जताई गई है। योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और भारत को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।टेक्निकल टेक्सटाइल सेगमेंट में कंपनियों की सबसे अधिक रुचि देखने को मिली है। इस क्षेत्र में 89 कंपनियों को मंजूरी दी गई है, जिनके माध्यम से ₹27,832 करोड़ के प्रस्तावित निवेश का अनुमान है। इन परियोजनाओं से ₹1.69 लाख करोड़ का कारोबार और करीब 1,20,205 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।मैन-मेड फाइबर (MMF) अपैरल सेगमेंट में 43 कंपनियों को मंजूरी मिली है। इस क्षेत्र में ₹7,613 करोड़ का प्रतिबद्ध निवेश और ₹64,435 करोड़ के अनुमानित कारोबार की संभावना है। वहीं MMF फैब्रिक सेगमेंट में 38 कंपनियों को मंजूरी मिली है, जिनमें ₹6,087 करोड़ निवेश और 32,557 रोजगार अवसरों का अनुमान लगाया गया है।राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो गुजरात सबसे आगे रहा है। राज्य में 46 कंपनियों को मंजूरी मिली, जो देश में सबसे अधिक है। गुजरात ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से ₹1,903.38 करोड़ का निवेश आकर्षित किया है। इसके बाद कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।हालांकि, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अभी तक वास्तविक निवेश दर्ज नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश में भी निवेश की गति सीमित रही है। इसके बावजूद टेक्सटाइल PLI स्कीम भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, रोजगार सृजन और उद्योग को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण योजना साबित हो रही है।और पढ़ें :- भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु का दमदार प्रदर्शन, टेक्सटाइल निवेश और निर्यात पर जोर

भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु का दमदार प्रदर्शन, टेक्सटाइल निवेश और निर्यात पर जोर

भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु की दमदार उपस्थिति, टेक्सटाइल निवेश और नवाचार पर जोरनई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु ने देश के प्रमुख कपड़ा केंद्र के रूप में अपनी मजबूत स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। राज्य ने इस वैश्विक मंच पर अपने विशाल टेक्सटाइल उद्योग, निर्यात क्षमता, निवेश अवसरों और तकनीकी वस्त्रों (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा।इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में तमिलनाडु के 30 से अधिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माताओं ने भाग लिया। मेले के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विदेशी खरीदारों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। भारत टेक्स 2026 में लगभग 6,000 विदेशी खरीदारों सहित बड़ी संख्या में घरेलू आगंतुकों ने हिस्सा लिया, जिससे भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में नए व्यापारिक अवसर मिले।तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के.एम. सुब्रमण्यन ने कहा कि भारत टेक्स आने वाले समय में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच के रूप में विकसित होगा। उन्होंने बताया कि तिरुपुर के कपड़ा निर्माताओं को विदेशी खरीदारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इससे भविष्य में नए निर्यात ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।आयोजन के दौरान सदर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (SITRA) और वूलमार्क कंपनी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य ऊन और कपास के मिश्रण से नए प्रकार के कपड़ों के विकास तथा अनुसंधान को बढ़ावा देना है। यह पहल तमिलनाडु के कपड़ा उद्योग को नए रेशों और आधुनिक उत्पाद क्षेत्रों में विस्तार करने में मदद करेगी।राज्य के उद्योग मंत्री पी. कीर्तना और कपड़ा एवं हथकरघा मंत्री एम. विजय बालाजी ने मेले में भाग लेकर निवेशकों से चर्चा की। सरकार के अनुसार, विरुधुनगर स्थित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क में लगभग 300 एकड़ भूमि के लिए निवेशकों की पहचान हो चुकी है और कई बड़े प्रस्ताव जल्द अंतिम रूप ले सकते हैं।तमिलनाडु सरकार तकनीकी वस्त्र क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को लगभग 50 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी देने की योजना है। वर्तमान में तकनीकी वस्त्रों में राज्य की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।तमिलनाडु पवेलियन में 400 से अधिक आगंतुक पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने राज्य की टेक्सटाइल वैल्यू चेन और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु की भागीदारी ने राज्य की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया तथा कपड़ा, हथकरघा और तकनीकी वस्त्र क्षेत्रों में नई साझेदारियों के लिए रास्ते खोले। और पढ़ें :- महाराष्ट्र के खानदेश में अगेती कपास की फसल अच्छी, बारिश की कमी से किसान चिंतित

महाराष्ट्र के खानदेश में अगेती कपास की फसल अच्छी, बारिश की कमी से किसान चिंतित

खानदेश में प्री-सीजन कपास की फसल में तेजी, बारिश की कमी बनी चिंतामहाराष्ट्र के खानदेश क्षेत्र में मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में बोई गई प्री-सीजन (बागवानी) कपास की फसल तेजी से बढ़ रही है। किसानों ने खरपतवार नियंत्रण, इंटरक्रॉपिंग और खाद प्रबंधन जैसे शुरुआती कृषि कार्य समय पर पूरे कर लिए हैं। हालांकि, बारिश की कमी के कारण सूखी जमीन वाले क्षेत्रों में कपास की फसल प्रभावित हो रही है।इस साल खानदेश में कपास का रकबा पिछले वर्षों की तुलना में कम हुआ है, लेकिन कई किसानों ने परंपरागत रूप से इस फसल की खेती जारी रखी है। किसानों का अनुभव है कि कम बारिश की स्थिति में तापी, गिरना, अनेर और पंजरा जैसी नदियों के किनारे स्थित काली और उपजाऊ मिट्टी में सिंचाई वाली कपास की फसल बेहतर रहती है।इस बार भारी बारिश नहीं होने और जून-जुलाई में लगातार हल्की बारिश नहीं मिलने से किसानों को फसल प्रबंधन के लिए पर्याप्त समय मिला। इंटरक्रॉपिंग, हर्बिसाइड स्प्रे और खाद डालने जैसे काम समय पर पूरे हो गए। इससे कई क्षेत्रों में कपास की फसल की बढ़वार अच्छी देखने को मिल रही है। कुछ जगहों पर पौधे करीब दो फीट तक बढ़ चुके हैं। हल्की और मध्यम मिट्टी वाले क्षेत्रों में भी सिंचाई वाली कपास की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। कीटों के प्रकोप को रोकने के लिए कई किसानों ने दो बार छिड़काव भी पूरा कर लिया है।इंटरक्रॉपिंग और खाद प्रबंधन पर जोरकई किसानों ने कपास की फसल में दो बार इंटरक्रॉपिंग का काम पूरा कर लिया है। बारिश की संभावना को देखते हुए इन कृषि कार्यों में तेजी लाई गई। साथ ही, रासायनिक खाद की पहली खुराक भी खेतों में डाल दी गई है। काली मिट्टी वाले कुछ क्षेत्रों में कपास में जल्द फूल आने की संभावना है, जबकि मिट्टी में अभी नमी बनी हुई है।खरपतवार नियंत्रण में हर्बिसाइड का बढ़ा इस्तेमालजलगांव जिले के कई गांवों में खरपतवार नियंत्रण के लिए मजदूरों की मांग बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में मजदूरी करीब 200 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। हालांकि, इस साल कपास का रकबा कम होने और हर्बिसाइड के बढ़ते इस्तेमाल से कई इलाकों में खरपतवार की समस्या कम हुई है। बारिश की कमी के कारण खेतों में नई घास-फूस का उगना भी सीमित रहा है। यूरिया की मांग बढ़ीफसल में खाद का उपयोग शुरू होते ही यूरिया की मांग बढ़ गई है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में कपास की अच्छी बढ़वार के कारण यूरिया की जरूरत अधिक बनी हुई है, लेकिन कई जगहों पर इसकी उपलब्धता सीमित है। इसके चलते किसान दूसरी बेसल डोज करीब 60 दिन बाद देने की योजना बना रहे हैं। किसानों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो कपास की फसल अच्छी स्थिति में बनी रह सकती है।और पढ़ें :- जुलाई मध्य में ब्राजील के कपास भाव में गिरावट, कमजोर घरेलू मांग से बाजार दबाव में

Related News

Youtube Videos

🔥Cotton Market Today: गुजरात में ₹300 की तेजी | CCI ने बेची 54,300 गांठें #cotton
🔥Cotton Market Today: गुजरात में ₹300 की तेजी | CCI ने बेची...
🔥 Cotton Rate Today: MP में ₹500 की तेजी | CCI ने बेची 80,700 गांठें | Cotton Market Update
🔥 Cotton Rate Today: MP में ₹500 की तेजी | CCI ने बेची 80,7...
कपास बाजार में मिलाजुला रुख!😱 इस सप्ताह तेजी या मंदी? cotton market rate #youtube
कपास बाजार में मिलाजुला रुख!😱 इस सप्ताह तेजी या मंदी? cotto...
जानिए आज का कपास बाज़ार 😱 Cotton rate today #youtube
जानिए आज का कपास बाज़ार 😱 Cotton rate today #youtube
🔥 Cotton Rate Today: रुई ₹300 तक तेज 😱CCI ने बेची 21,500 गांठें | महाराष्ट्र में कपास बुवाई घटी!
🔥 Cotton Rate Today: रुई ₹300 तक तेज 😱CCI ने बेची 21,500 ग...
रुई बाजार में ₹500/Candy की तेजी 😱 CCI Auction में 48,100 गांठें बिकी🔥Cotton market rate #cotton
रुई बाजार में ₹500/Candy की तेजी 😱 CCI Auction में 48,100 ग...
🚨 आज कॉटन बाजार का पूरा विश्लेषण | CCI Auction, आवक और सभी मंडियों का ताज़ा अपडेट | #kapasnabhav
🚨 आज कॉटन बाजार का पूरा विश्लेषण | CCI Auction, आवक और सभी...
🚨 कपास बाजार में बड़ा अपडेट! CCI Auction, NCDEX में तेजी 🔥 Cotton Market Report Today
🚨 कपास बाजार में बड़ा अपडेट! CCI Auction, NCDEX में तेजी 🔥...
कॉटन फिजिकल मार्केट में जबरदस्त तेजी! 🔥500 ₹ तक बढ़े दाम | CCI नीलामी का बड़ा असर ? #cotton #market
कॉटन फिजिकल मार्केट में जबरदस्त तेजी! 🔥500 ₹ तक बढ़े दाम |...
आज के कपास बाज़ार की रिपोर्ट 😨 Cotton Market Rate Today #kapas #youtube
आज के कपास बाज़ार की रिपोर्ट 😨 Cotton Market Rate Today #kap...
जानिए आज का कपास बाज़ार  😱 Cotton market rate today #kapas #cotton
जानिए आज का कपास बाज़ार 😱 Cotton market rate today #kapas #...
Cotton market rate today😱 आज का कपास बाज़ार  #kapas #cotton
Cotton market rate today😱 आज का कपास बाज़ार #kapas #cotton
ऐसा रहा आज कपास बाज़ार😱Cotton Market Rate Today #kapas #cotton
ऐसा रहा आज कपास बाज़ार😱Cotton Market Rate Today #kapas #cot...
साप्ताहिक कपास बाजार में तेज़ी 😱 CCI ने बेचे 2 लाख+ बेल्स | Weekly Cotton Market 25 July 2026
साप्ताहिक कपास बाजार में तेज़ी 😱 CCI ने बेचे 2 लाख+ बेल्स |...
आज देशभर में रुई के भाव 😱 Cotton Market Rate Today #kapasbajar
आज देशभर में रुई के भाव 😱 Cotton Market Rate Today #kapasba...

Circular

title Created At Action
भारत ने WTO व्यापार नीति समीक्षा पूरी की, टैरिफ सुधार और FTA रणनीति पर जोर 25-07-2026 11:32:11 view
CCI ने कपास की कीमत ₹800 प्रति कैंडी बढ़ाई, साप्ताहिक बिक्री 2.26 लाख गांठ के पार 25-07-2026 11:05:37 view
देशभर में कपास बाजार तेज 24-07-2026 18:21:13 view
रुपया डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 96.56 पर बंद हुआ। 24-07-2026 15:47:16 view
अमेरिका ने जबरन मजदूरी से जुड़े भारतीय सामान पर प्रस्तावित टैरिफ घटाकर 10% किया 24-07-2026 13:28:09 view
महाराष्ट्र के कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना, मिलेंगे ₹75,000 तक 24-07-2026 12:51:49 view
डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे गिरकर 96.63 पर खुला. 24-07-2026 09:23:37 view
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 08 पैसे कमजोर हुआ और 96.57 पर बंद हुआ। 23-07-2026 15:46:48 view
टेक्सटाइल PLI योजना के तहत ₹8,118 करोड़ का निवेश, गुजरात सबसे आगे 23-07-2026 15:41:43 view
भारत टेक्स 2026 में तमिलनाडु का दमदार प्रदर्शन, टेक्सटाइल निवेश और निर्यात पर जोर 23-07-2026 15:23:57 view
महाराष्ट्र के खानदेश में अगेती कपास की फसल अच्छी, बारिश की कमी से किसान चिंतित 23-07-2026 14:10:10 view
Application Download
Whatsapp Contact